नई दिल्ली। देश में अब तक 1445 कोरोना संक्रमित मरीज तबलीगी जमात के पाए गए हैं. पिछले 24 घंटे में दिल्ली में 20 नए कोरोना के केस आए हैं. इन 20 में से 10 मरकज के हैं. इस बीच सूत्रों के हवाले से जानकारी मिल रही है कि कोरोना के खतरे को देखते हुए कई मुस्लिम नेताओं ने तबलीगी जमात के कार्यक्रम को निरस्त करने की सलाह दी थी.
सूत्रों का कहना है कि कई इस्लामिक स्कॉलर और धर्मगुरुओं ने भी मौलाना साद से कार्यक्रम को टाल देने का आग्रह किया था. इस पूरे कार्यक्रम को लेकर तबलीगी जमात दो गुटों में बंटा हुआ था, एक गुट ने इस कार्यक्रम को टाल दिया था. लेकिन मौलाना साद अपनी जिद पर अड़ा रहा और निजामुद्दीन मरकज में धार्मिक कार्यक्रम किया.
आपको बता दें कि मौलाना साद पर कई गंभीर आरोप लगे हैं. साद के खिलाफ मामला दर्ज करने के बाद दिल्ली पुलिस (Delhi Police) की क्राइम ब्रांच (Crime Branch) अब उसकी तलाश कर रही है. उसकी तलाश में अलग-अलग जगहों पर छापेमारी की जा रही है. साथ ही साथ दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने 26 सवालों की लिस्ट तैयार करके नोटिस बनाकर मौलाना साद के घर पर भेजा है. जिसमें जानकारी मांगी गई है कि किस तरह इस मरकज में लोग आ रहे थे. जनवरी से लेकर अब तक कितने लोग आए हैं. किस तरह से मरकज का आयोजन होता था.
सवालों के नोटिस पर मौलाना साद ने अपने गुर्गों से मैसेज भिजवाया है और कहा है कि उसने खुद को सेल्फ क्वारंटीन किया है और जब मरकज खुलेगा तब वो सवालों के जवाब देगा. हालांकि क्राइम ब्रांच मौलाना की तलाश दिल्ली से मेरठ और मुजफ्फरनगर तक कर रही है. उसके खिलाफ 26 गंभीर सवालों का जो नोटिस जारी किया गया है,जिसमे इन सवालो को रखा गया।
निजामुद्दीन मरकज कार्यक्रम-इस्लामिक धर्मगुरुओं ने दी थी इसे टालने की सलाह
• Javed Khan